प्रतापगढ़ जनपद के सांगीपुर थाना अंतर्गत भोजपुर ग्रामसभा के अमन का पुरवा निवासी ओमप्रकाश गौतम की बीते 06 जून को पड़ोसी बबलू,दिनेश आदि ने जानलेवा हमला कर दिया था,जिनकी इलाज दौरान मौत हो गई।कार्रवाई न होने से नाराज परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से किया इनकार।
परिजनों का आरोप है कि 6 जून 2026 की दोपहर करीब 12:30 बजे बबलू, दिनेश, एक महिला समेत कई लोग लाठी-डंडे और लोहे की रॉड लेकर घर पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया।
सिर पर वार, अस्पताल में मौत
हमले में ओम प्रकाश गौतम, शिव प्रकाश और फूलमती गंभीर रूप से घायल हो गए। ओम प्रकाश गौतम के सिर पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
परिवार का कहना है कि हमलावरों का मकसद केवल मारपीट नहीं बल्कि पूरे परिवार को सबक सिखाना था।
महिलाओं को भी पीटा, पुलिस पर लापरवाही का आरोप
घटना का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि परिवार की महिलाओं को भी कथित तौर पर बेरहमी से पीटा गया। पीड़ित पक्ष का दावा है कि महिलाओं के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया।
परिजनों ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि महिलाओं के मेडिकल में देरी से न केवल उनके उपचार पर असर पड़ रहा है, बल्कि मामले की निष्पक्ष जांच भी प्रभावित हो सकती है।
एफआईआर दर्ज, अब हत्या की धाराएं जुड़ना तय
मामले में पुलिस ने पीड़िता आशा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ओम प्रकाश गौतम की मौत के बाद अब मामले में हत्या से संबंधित गंभीर धाराएं जोड़े जाने की संभावना है।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, महिलाओं का मेडिकल परीक्षण कराने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बड़ा सवाल
क्या एक परिवार को सिर्फ इसलिए मौत और हिंसा का सामना करना पड़ा क्योंकि उसने अपनी बेटी की गरिमा और सम्मान की रक्षा करने की कोशिश की?
प्रतापगढ़ की यह घटना कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अब सभी की निगाहें पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।