रायबरेली।
एम्स रायबरेली के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने 2 सितंबर 2026 को अपना चौथा स्थापना दिवस मनाया। यह दिन 2022 में लेबर रूम में सेवाएं शुरू होने के बाद से विभाग की चार साल की यात्रा का प्रतीक है।
इस मौके पर संस्थान के नेतृत्व, प्रतिष्ठित फैकल्टी, सीनियर और जूनियर रेजिडेंट्स, नर्सिंग अधिकारियों और कर्मचारियों ने विभाग की शानदार यात्रा का जश्न मनाया और महिलाओं की स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान में उत्कृष्टता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
कार्यकारी निदेशक और सीईओ प्रो. अमिता जैन ने प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग को चार साल की समर्पित सेवा पूरी करने पर बधाई दी।
उन्होंने विभाग की उपलब्धियों की सराहना की और फैकल्टी व टीम को महिलाओं को उच्च गुणवत्ता वाली, व्यापक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की दिशा में प्रयास जारी रखने और क्लिनिकल देखभाल, शिक्षा और अनुसंधान में और उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया।
शुरुआत में ओपीडी में लगभग 15 मरीज़ आते थे, लेकिन अब विभाग रोज़ाना लगभग 300 मरीज़ों को सेवाएँ देता है। यह एम्स रायबरेली द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं में समुदाय के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
इन चार वर्षों में, विभाग ने अपनी क्लिनिकल सेवाओं का काफी विस्तार किया है और हाई-रिस्क प्रेगनेंसी (जोखिम भरी गर्भावस्था) व जटिल प्रसूति मामलों, एडवांस्ड गायनेकोलॉजिकल प्रक्रियाओं और मिनिमली इनवेसिव सर्जरी के प्रबंधन में विशेषज्ञता हासिल की है।
विभाग ने महिलाओं को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने में अपनी भूमिका को लगातार मजबूत किया है और साथ ही पोस्टग्रेजुएट चिकित्सा शिक्षा, शैक्षणिक गतिविधियों और अनुसंधान में भी योगदान दिया है।
विभाग की सफलता प्रो. पारुल सिन्हा के नेतृत्व में अन्य फैकल्टी सदस्यों—डॉ. वंदना वर्मा, डॉ. बनश्री नाथ, डॉ. अपला प्रियदर्शिनी, डॉ. स्नेहलता मीना और डॉ. कृष्णा सिंह—के समर्पित और समन्वित प्रयासों का परिणाम है।
इस कार्यक्रम में एम्स रायबरेली के सभी डीन और अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज श्रीवास्तव, उप-निदेशक (प्रशासन), कर्नल अखिलेश सिंह, वित्तीय सलाहकार कर्नल उपेंद्र नाथ राय सहित संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।