रायबरेली।
जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक कोचिंग संस्थान में आग लगने की हुई दर्दनाक घटना का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में संचालित कोचिंग संस्थानों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करना रहा।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि जनपद के समस्त कोचिंग संस्थानों का तत्काल निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।
जिलाधिकारी ने फायर सेफ्टी से संबंधित व्यवस्थाओं की विशेष समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी संस्थानों में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता एवं उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट), पर्याप्त वेंटिलेशन, विद्युत वायरिंग की सुरक्षित व्यवस्था तथा भवन की संरचनात्मक मजबूती का भी परीक्षण किया जाए।
विद्युत विभाग को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थानों में विद्युत आपूर्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की खामी को तत्काल दूर कराया जाए, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
समस्त उप जिलाधिकारी व नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में संचालित कोचिंग संस्थानों की सूची तैयार कर निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि सभी संस्थान मानक के अनुरूप संचालित हो रहे है तथा मानक के विपरीत संचालित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करें।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि सभी संस्थान अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करें तथा समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित कर विद्यार्थियों एवं स्टाफ को आपदा से निपटने के लिए प्रशिक्षित करें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ, सचिव रायबरेली विकास प्राधिकरण/ अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) विशाल यादव सहित समस्त उप जिलाधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका एवं नगर पंचायत, फायर सेफ्टी, विद्युत विभाग व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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