अमेठी। उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की मंशा है कि किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर आधुनिक कृषि तकनीकों, सामूहिक विपणन, गुणवत्तापूर्ण कृषि आदानों तथा मूल्य संवर्धन की सुविधाओं से जोड़ा जाए, ताकि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। इसी सोच को धरातल पर उतारने के लिए जनपद अमेठी में जिलाधिकारी संजय चौहान के निर्देशन एवं मार्गदर्शन तथा कृषि निदेशक सत्येन्द्र कुमार के प्रभावी क्रियान्वयन में किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को मजबूत किया जा रहा है।
इन्हीं प्रयासों का एक उत्कृष्ट उदाहरण है आदेशा एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, अमेठी। विकास खंड बहादुरपुर, जनपद अमेठी में स्थित यह एफपीओ वर्ष 2023 में कंपनी अधिनियम 2013 के अंतर्गत “10,000 एफपीओ गठन एवं संवर्धन योजना” के तहत पंजीकृत किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के किसानों को संगठित कर सामूहिक खेती, कृषि इनपुट व्यापार, बागवानी एवं सतत कृषि प्रणाली के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। वर्तमान में संस्था से 507 किसान जुड़े हुए हैं, जिनमें 62 महिला किसान तथा 112 अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के किसान शामिल हैं। यह संस्था सामाजिक समावेशन और कृषि विकास का एक सशक्त मॉडल बनकर उभरी है।
बहादुरपुर क्षेत्र मुख्य रूप से कृषि आधारित क्षेत्र है, जहां अधिकांश किसान छोटे एवं सीमांत वर्ग के हैं। किसानों की प्रमुख समस्याओं में गुणवत्तापूर्ण बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता, बाजार तक सीमित पहुंच, कृषि तकनीकी ज्ञान की कमी तथा फसलों के उचित मूल्य न मिलना प्रमुख रहा है। किसान व्यक्तिगत स्तर पर खेती करते थे, जिससे लागत अधिक और लाभ कम मिलता था। ऐसे समय में आदेशा एग्रो एफपीओ किसानों के लिए आशा की किरण बनकर सामने आया।
एफपीओ के अध्यक्ष पंकज तिवारी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) गौरव मौर्य के नेतृत्व में संस्था ने किसानों को संगठित करते हुए कृषि आदानों की सामूहिक खरीद व्यवस्था शुरू की। इससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक एवं कीटनाशक उचित मूल्य पर उपलब्ध होने लगे। इससे खेती की लागत में कमी आई और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई।
माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की सोच के अनुरूप किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एफपीओ ने फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया। गेहूं एवं धान जैसी पारंपरिक फसलों के साथ-साथ क्षेत्र में केला, अमरूद एवं बेर उत्पादन को प्रोत्साहित किया गया। किसानों को बागवानी फसलों के प्रति जागरूक किया गया, जिससे उनकी आय के नए स्रोत विकसित हुए। संस्था द्वारा इन फसलों के लिए आवश्यक तकनीकी सहयोग एवं बाजार संपर्क की दिशा में भी प्रयास किए गए।
जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में जनपद स्तर पर किसानों के प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रम एवं किसान गोष्ठियों का आयोजन किया गया। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, जैविक खेती, फसल प्रबंधन तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई। एफपीओ ने नियमित रूप से किसान जागरूकता एवं मोबिलाइजेशन कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को समूह आधारित खेती के लाभ समझाए। इसके परिणामस्वरूप किसानों में संगठन के प्रति विश्वास बढ़ा और सदस्य संख्या में निरंतर वृद्धि हुई।
कृषि निदेशक श्री सत्येन्द्र कुमार के प्रभावी क्रियान्वयन में एफपीओ को संस्थागत रूप से मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। संस्था ने जीएसटी पंजीकरण पूर्ण कर लिया तथा उर्वरक लाइसेंस, मंडी लाइसेंस एवं एफएसएसएआई पंजीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। इससे एफपीओ के व्यापारिक विस्तार की संभावनाएं मजबूत हुईं। साथ ही किसानों को कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन की दिशा में मार्ग प्रशस्त हुआ।
संस्था ने किसानों की क्षमता विकास के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए। किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र, सुल्तानपुर तथा सीटीईडी प्रशिक्षण केंद्र, अमेठी में प्रशिक्षण दिलाया गया। इसके अतिरिक्त किसानों का एक्सपोजर विजिट आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या में कराया गया, जहां किसानों ने आधुनिक खेती की नई तकनीकों को समझा और उन्हें अपने खेतों में अपनाने के लिए प्रेरणा प्राप्त की।
एफपीओ की मेहनत और किसानों के विश्वास का परिणाम यह रहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में संस्था ने ₹8,02,015 का वार्षिक कारोबार किया। यह उपलब्धि न केवल संस्था की आर्थिक मजबूती को दर्शाती है, बल्कि इस बात का प्रमाण भी है कि सामूहिक प्रयासों से छोटे किसान भी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं। महिला किसानों एवं एससी/ओबीसी वर्ग के किसानों की बढ़ती भागीदारी ने इस मॉडल को और अधिक समावेशी बनाया है।
आज आदेशा एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड अमेठी जनपद में किसान-नेतृत्व वाली एक उभरती हुई संस्था के रूप में पहचान बना रही है। यह एफपीओ न केवल किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध करा रहा है, बल्कि उन्हें जागरूक, प्रशिक्षित और बाजारोन्मुख भी बना रहा है। संस्था की भविष्य की योजनाओं में डेयरी फार्मिंग, मिलेट प्रोसेसिंग एवं कृषि आधारित मूल्य संवर्धन गतिविधियों का विस्तार शामिल है, जिससे किसानों की आय में और अधिक वृद्धि हो सकेगी।