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जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम ने की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश।





अमेठी। जिलाधिकारी संजय चौहान की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को उनका लाभ मिल सके।
 बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाना आवश्यक है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़ी सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा विभागीय स्तर पर विशेष प्रयास कर प्रगति को और बेहतर बनाया जाए। 
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, संस्थागत प्रसव, जननी सुरक्षा योजना, मातृ एवं शिशु टीकाकरण, नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, आशा कार्यकर्ताओं की रिपोर्टिंग एवं भुगतान, नियमित टीकाकरण कार्यक्रम तथा परिवार नियोजन कार्यक्रम की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा किया। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक योजना के निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा किया जाए तथा लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। 
बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित टीकाकरण अभियान की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जनपद के कुछ विद्यालयों एवं मदरसों द्वारा अपेक्षित सहयोग नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति प्रभावित हो रही है।

स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश, खराब प्रदर्शन पर सीएचओ, आशा व एएनएम को चेतावनी।
 समीक्षा में सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल गौरीगंज, सैनिक विद्यालय कौहार, मदरसा मोइनिया स्कूल रसूलाबाद, डिवाइन पब्लिक स्कूल मोहिउद्दीनपुर, मदरसा मटेरवा, पीएस/जूनियर हाई स्कूल तथा डीबीएस स्कूल नसरतपुर के नाम सामने आए।

 इस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित विद्यालयों एवं संस्थानों को चेतावनी दी कि यदि राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, विशेषकर टीकाकरण अभियान में सहयोग नहीं किया गया तो उनकी मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। साथ ही जिन संस्थानों को शासकीय सहायता प्राप्त हो रही है, उनके संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। 
टीकाकरण अभियान में सहयोग न करने वाले विद्यालयों पर सख्त रुख, मान्यता निरस्तीकरण तक की चेतावनी।

बैठक के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में खराब प्रदर्शन करने वाली पांच सीएचओ, आशा एवं एएनएम कर्मियों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित कार्मिकों को कठोर चेतावनी देते हुए कार्यप्रणाली में सुधार लाने तथा निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। 

जिलाधिकारी ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, किशोर स्वास्थ्य तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक सशक्त बनाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए विशेष अभियान संचालित किए जाएं, जिससे आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। 

बैठक में एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम के सफल संचालन एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी सहित पांच चिकित्सा अधीक्षकों (एमओआईसी) को जिलाधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। 

जिलाधिकारी ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जनपद में स्वास्थ्य कार्यक्रमों की सफलता में स्वास्थ्य विभाग की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, समस्त अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एमओआईसीगण तथा अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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